देश में आज फिर कोरोना के 18 हजार से ज्यादा मामले, बीते 24 घंटे में 42 की मौत; एक्टिव मरीजों का आंकड़ा 1 लाख 28 हजार के पार

 देश में आज फिर कोरोना के 18 हजार से ज्यादा मामले, बीते 24 घंटे में 42 की मौत; एक्टिव मरीजों का आंकड़ा 1 लाख 28 हजार के पार





 पिछले कुछ समय से भारत में भी कोरोना के मामले एक बार फिर से बढने लगे ना सिर्फ भारत में बल्कि अभी दुनियाभर के कई देशों में कोरोना एक बार फिर से सक्रिय हो गया। पिछले 24 घंटों में हमारे देश में ही 18,000 से ज्यादा नए मामले आए, जबकि 42 लोगों की मौत हुई और अभी भारत में मरीजों की संख्या का आंकड़ा भी 1,28,000 से ऊपर निकल चुका है। इससे पहले कल ही तमिलनाडु के एक स्कूल में भी कोरोना विस्फोट देखा गया। 31 छात्र कोरोना से पॉजिटिव पाए गए और उन छात्रों के चलते उनके घर पर उनके 10 माता पिता भी संक्रमित पाए गए। 


ये बात मैं आपको इसलिए बता रहा हूं कि देश में आजकल कोरोना फिर से बढने लगा है। राइट तो आपको कोरोना से तो सावधानी रखनी ही है, लेकिन लेकिन लेकिन इसी बीच दुनिया में एक और नए बारिश ने दस्तक दे दी है। जहां कोरोना के बीच अब मार बर्क नाम का एक नया वायरस आया और सबसे बड़ी चौंकाने वाली चिंता की बात ये है। दोस्तों की इस वायरस से पोजीटिव दो के दो मरीजों की मौत भी हो चुकी है। इस घटना के बाद विश्व स्वास्थ्य संगठन यानी की डब्ल्यूएचओ ने भी चेतावनी जारी की है। आइए देखते आखिर ये बार बार के वायरस क्या है। इसके क्या लक्षणों सिम्टम्स क्या है। 



इसके ये किससे फैलता और आपको क्या सावधानियां बरतनी चाहिए जहाँ एक तरफ दुनिया भर में कोरोना अभी भी खौफनाक बना हुआ है और आपको बताऊंगा कोरोना के साथ साथ भी मंकी बॉक्स भी चलना। दुनियाभर के कई देशों में मंकी पॉक्स के भी हजारों मामले आए। लेकिन कोरोना और मंकी पॉक्स के बीच अब बार बार के  वायरस ने भी वैज्ञानिकों और डॉक्टर्स की चिंता को बढ़ा दिया। डब्ल्यूएचओ ने भी इस वायरस को लेकर सतर्क किया। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने अपने एक बयान में कहा कि गाना जो कि एक वेस्ट अफ्रीका की कंट्री है, वहां पर इसे मार बर्ड वायरस के दो संक्रमित व्यक्तियों के सैंपल लिए गए। एक्सपर्ट्स का कहना कि ये वायरस कोई नया नहीं है। 


यह सबसे पहले साल इन सिक्सटी सेवेन में अफ्रीकी देशों में इस के मामले सामने आए थे, लेकिन इसमें चिंता की बात ये है कि इस बार इसमें डेथ रेशियो जाना वो 88% तक है और अभी तक हमारे पास इस वायरस की कोई वैक्सीन भी मौजूद नहीं है। ऐसे में सतर्क रहने की जरूरत है क्योंकि कोरोना से भी कई गुना ज्यादा खतरनाक है। ये डेथ रेशियो 88% का मतलब समझने वाला अगर इस वायरस से 100 व्यक्ति संक्रमित होते हैं तो उनमें से 88 लोग मर जाते हैं। 12 लोग जिंदा बसते हैं, जबकि अभी कोरोना में तो डेथ ऋतु काफी कम है। जितने लोग संक्रमित होते हैं उनमें से मरने वालों की संख्या काफी कम होती है। जैसे अभी 24 घंटों में 18 हज़ार नए मामले आए, लेकिन सिर्फ 47 लोगों की ही मौत हुई तो कोरोना से थोड़ा बहुत नहीं बल्कि कई गुना ज्यादा खतरनाक और जानलेवा वायरस सफदरजंग हॉस्पिटल के मेडिसिन डिपार्टमेंट के एचओडी प्रोफेसर डॉक्टर जुगुल किशोर का कहना है कि इस वायरस का ट्रांसमिशन भी एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में हो सकता है, लेकिन रूस की टच के माध्यम से भी ये वायरस फैल सकता है।


 बार बार के वायरस ईबोला वाले वायरस से ही रिलेट करता है और ये भी उसी वाले से होता है, जिससे इबोला होता है। इस वायरस  के लक्षण भी फ्लू जैसा ही है। इसकी पहचान के लिए सैंपल लेकर उनकी सीक्वेंसिंग की जाती है, जिससे टिशु कल्चर करके ये वायरस का पता लगाया जाता है। हालांकि अभी आपको पैनिक होने की ज्यादा जरूरत नहीं है क्योंकि दुनिया में अभी इसके से दो ही मामले सामने आए, लेकिन बुरा ना मानो तो एक बात बताऊं। दुनिया में हर चीज की शुरुआत नंबर एक से ही होती है। कोरोना के भी पहले एक व्यक्ति का मामला आया था। दुनिया के सामने 1 से 2 2 से 4 आठ 16 64 128 कितने मामले बढ़ते जाते हैं और आज लाखों नहीं बल्कि करोड़ों की संख्या में कोरोना के मामले सामने आ चुके हैं और लाखों लोग इसके चलते जान भी गवा चुके हैं तो कहने का मतलब यही है। 


डरने की बात नहीं है, लेकिन सतर्कता और सावधानी रखना बहुत जरूरी है। डब्ल्यूएचओ ने मार बर्ड वायरस के ये कुछ प्रमुख लक्षण बताए हैं। तेज बुखार आना, सिर में तेज दर्द होना, मांसपेशियों में दर्द होना, डायरिया, उल्टी आना और जी मचलाना। ये माहिर वर्ग वायरस के कुछ सिम्टम्स अच्छा बचाव आप कैसे कर सकते हैं तो दोपहर की तो और बता दें कि किसी भी वायरस से बचने के लिए सबसे जरूरी है कि आप भीड़ वाले इलाकों में ना जाएं और आजकल के दिनों में अफ्रीकी देशों की यात्रा करने से बचें। घने जंगलों में जाने से भी परहेज करें क्योंकि ये वायरस भी चमगादड़ के जरिए ही फैलता है और घने जंगलों में चमगादड़ों का आना फिर काफी ज्यादा होता है तो इसीलिए घने जंगलों में आजकल जाने से आपको बचना चाहिए। हेड हाइजीन का ध्यान रखें और बार बार के प्रभावित इलाकों से आने वाले लोगों पर  भी खास नजर रखें। 



डब्ल्यूएचओ ने कहा, दोस्तों के ये वायरस भी चमगादड़ से ही फैलता है। मार वर्ग संक्रमण भी संक्रमित होने वाले लोगों में बुखार, सिरदर्द जैसे मेन सिम्टम्स दिखते हैं और संक्रमित होने वाले कुछ मरीजों में सात दिन के अंदर ब्लीडिंग भी होने लगती खून बहने लगता है उनका लेकिन इन सब में सबसे बड़ी चिंता की बात ये है कि फिलहाल बार बार के वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए हमारे पास कोई भी वैक्सीन नहीं है और क्योंकि इसमें 88% तक डेथ रेशियो हो सकता है तो इसीलिए इस वायरस से बचना कोरोना से भी ज्यादा जरूरी है। जागरूक करें उनको भी ताकि किसी लड़ाई के खतरे से पहले ही युद्ध के बारे में बातें जानकर लड़ाई के बारे में खतरे के बारे में बातों को जान कर उस लड़ाई में जीतने की संभावनाएं बढ़ जाती है।



 अचानक हुए हमले की बजाय अगर कोई लड़ाई ऐसी है कि हमें वहां लड़ने जाना तो जीतने के पॉसिबिलिटीज बढ़ जाती करके अपने मिशन में रहते हैं तो कहने में लगे हैं कि लोगों को जागरूक करें। इस मुद्दे को ज्यादा से ज्यादा शेयर करके उनको भी इनके बारे में अवगत कराएं। बताओ। बाकी बिलाल कोई ज्यादा इनसे नहीं जुड़नी दुनिया में दो ही मामले आए दो ही मर चुके हैं। वैज्ञानिक जांच कर रहे हैं। आगे और क्या बेटा आएगा मैं आपको बताऊंगा। इसी चैनल डीएलएस न्यूज के माध्यम से इसके लिए आप हमसे जुड़े रहेगा। हमारे चैनल को नीचे लाल बटन दबाकर सब्स्क्राइब करके वेलकम जरूर दवा दीजिएगा ताकि आपको रोजाना की ताजा अपडेट और काम की  खबरें तुरंत आपके मोबाइल पर मिलते रहेगी।

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