Big Initiative: नर्सों को अब मिलेंगी कई सुविधाएं, आठ घंटे ही करना है काम, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बनाई गाइडलाइन - PM Modi Initiative: Nurses Will Now Get Many New Facilities
Big Initiative: नर्सों को अब मिलेंगी कई सुविधाएं, आठ घंटे ही करना है काम, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बनाई गाइडलाइन - PM Modi Initiative: Nurses Will Now Get Many New Facilities
दोस्तो कई बार हमें अपने खुद के लिए या कई बार अपने परिवार वालों के फैमिली मेंबर के साथ हॉस्पिटल जाना पड़ता है। राइट। ऐसे में सरकार ने हॉस्पिटलों में काम करने वाली नर्सों को लेकर कुछ नई गाइडलाइंस बनाई है जो नर्सों को तो जरूर जानी चाहिए। उनके साथ साथ आम आदमी को भी जरूर जान लेनी चाहिए क्योंकि आए दिन ऐसी घटनाएं भी हमें देखने को मिलती रहती है कि नर्सेज और डॉक्टर्स के साथ जो पेशेंट सोते हैं, उनके परिवार वाले माथा पच्ची कर देते हैं। बहस कर देते हैं। कई बार इसे आर्किटेक्ट्स की बातें हमें देखने को मिलती हैं। ऐसे में अगर आप भी नर्सों की दिक्कत से वाकिफ होंगे तो नर्सों को बेवजह परेशान नहीं करोगे। सरकार ने देशभर के जितने भी अस्पताल हॉस्पिटल्स हैं, उन सभी में चाहे सरकारी हॉस्पिटल हो चाहे प्राइवेट हॉस्पिटल उनमें काम करने वाली नर्सों को लेकर कुछ नए नियम बनाए हैं।
नए अधिकार नर्सों को दिए हैं क्योंकि न तो किसी भी हॉस्पिटल में जितना डॉक्टर अपनी जिम्मेदारी निभाता है उतनी ही फर्जी उतनी ही कर्तव्यनिष्ठता नर्सेज भी निभाती है। यहां तक कि पेशेंट के साथ तो डॉक्टर से भी ज्यादा टाइम स्पेंड नर्सें करती है। इसीलिए हम सबको उनकी ड्यूटी उनकी जिम्मेदारियों के अधिकार के बारे में जरूर जान लेना चाहिए। आपको बता दूं कि सरकार यह चाहती है कि मरीजों को अस्पताल में गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा मिले यानी कि आपको क्वालिटी हॉस्पिटल फैसिलिटीज मिलें। इसके लिए नर्सों की कार्यावधि भी तय की जा रही है।
इसके तहत सरकारी या गैर सरकारी या की प्राइवेट अस्पतालों में कोई भी नर्स अब प्रतिदिन अधिकतम आठ घंटे और एक सप्ताह में अधिकतम 40 घंटे ही काम करेगी। आपात की स्थिति में यानी की इमरजेंसी में ही नर्स की सेवा किसी दिन आठ घंटे से अधिक समय तक ली जा सकेगी। लेकिन इस कंडीशन में भी संबंधित नर्स को अगले दिन अवकाश देना होगा। यह हॉस्पिटल वालों की भी जिम्मेदारी होगी। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने नर्सों की कार्यावधि व सुविधाएं तय करने को लेकर कुछ ही गाइडलाइन और नए नियम तैयार किए हैं। साथ ही नर्सों को अस्पताल में विश्राम कक्ष भी उपलब्ध कराना होगा। सभी अस्पतालों को नर्सों के काम करने की स्थिति में सुधार के लिए कई निर्देश शामिल किया, जिसमें नर्सों की वार्षिक स्वास्थ्य जांच होगी। आवश्यक टीकाकरण होगा। क्रेच सुविधा और परिसर में आवास की सुविधा भी शामिल होगी। अस्पतालों में अलग अलग वॉशरूम, चेंजिंग रूम, पानी पीने की सुविधाओं से लेकर साफ वर्दी आदि उपलब्ध कराने की सुविधाएं भी होना जरूरी होगा। साथ ही नाइट शिफ्ट के दौरान नर्सों की सुरक्षा सुनिश्चित करने को लेकर भी हॉस्पिटल प्रशासन की ओर से आवश्यक उपाय करने होंगे।
इसके अलावा अब हॉस्पिटल में नर्सों को नेतृत्व क्षमता विकसित करने का अवसर भी मिलेगा। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा तैयार गाइडलाइन्स में नर्सिंग नेतृत्व को बढ़ावा देना अनिवार्य किया गया। इसमें कहा गया कि किसी भी मरीज का इलाज कैसे किया जाए। इसमें नर्सों की भी राय ली जानी चाहिए। यहां तक कि नए नियमों में ये भी कहा गया कि वार्ड में मरीजों की काउंसिलिंग के कामों में भी नर्सों को सक्रिय रूप से भाग लेने का मौका दिया जाना चाहिए ताकि वे मरीजों के इलाज के लिए निर्णय लेने की प्रक्रिया का भी हिस्सा बन सकें। अभी हालात राज्य के कई जगहों पर हॉस्पिटलों में 12 12 घंटे तक नर्सों की ड्यूटी ली जाती है, लेकिन अब ये गलत होगा। नर्सेस अधिकतम आठ घंटे ही ड्यूटी कर पाएंगी। जॉब कर पाएंगी। फिलहाल सरकार ने इन नियमों और गाइडलाइन्स को लेकर राज्य सरकारों से आपत्तियां और सुझाव भी मांगे हैं। बहुत जल्द इनपर कानूनी चार लगा दी जाएगी और ये देश में नए नियम लागू हो जाएंगे। ये आपके लिए जानना इसलिए जरूरी है क्योंकि मान लीजिए नर्सों का विश्राम का टाइम रेस्ट टाइम चल रहा है और कई बार हम परिवार वाले जो हमारा कोई अगर खास परिवार के सबसे ज्यादा बीमार हैं, नर्सें अगर रेस्ट कर निदान क्या करते हैं। उनसे बहुत बड़े में जाकर झगड़ने लग जाते हैं।
लेकिन हमें ये ध्यान रखना होगा कि नर्स का अगर अभी विश्राम का टाइम चल रहा है तो हमें दूसरी नर्स से मदद लेनी चाहिए ना कि उनसे बात करनी चाहिए जो नर्स रेस्ट कर रही हैं। ऐसी स्थितियों को देखते हुए सरकार ने हाल में नर्सेज और डॉक्टर्स को कई नए राइट्स भी दिए हैं। कानून में बदलाव भी किया कि आप डॉक्टर नर्स वगैरा इन पर हाथ नहीं उठा सकते। इनसे लड़ाई झगड़ा नहीं कर सकते। बत्तमीजी नहीं कर सकते हैं तो इसी के साथ अभी कुछ नए राइट्स भी नर्सों को देने जारी बोर्ड में उम्मीद तो हुई है। इन कमेटियों ने उस अपडेट आपको जरूर जानने मिली होगी।

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